पतंजलि योगपीठ के नाम हुई साधु पुल की जमीन

पतंजलि योगपीठ के नाम हुई साधु पुल की जमीन

पतंजलि योगपीठ के नाम हुई साधु पुल की जमीन सोलन (हिमाचल प्रदेश, 13 मार्च, 2019)। पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी महाराज कंडाघाट पंजीकरण करवाने पहुंचे जहाँ पर साधु पुल में 93 बीघा भूमि को योग, आयुर्वेद, स्वदेशी, वैदिक शिक्षा एवं गो संवर्धन हेतु पतंजलि योगपीठ को उक्त भूमि 99 वर्ष के लिए सौंप दी गई है। भूमि का पूर्ण रूप से विश्लेषण कर इस भूमि का दायित्व पतंजलि योगपीठ को दे दिया गया।               इस प्रोजक्ट से स्थानीय युवाओं एवं किसानों को रोजगार का साधन…

पतंजलि योगपीठ के नाम हुई साधु पुल की जमीन

सोलन (हिमाचल प्रदेश, 13 मार्च, 2019) पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी महाराज कंडाघाट पंजीकरण करवाने पहुंचे जहाँ पर साधु पुल में 93 बीघा भूमि को योग, आयुर्वेद, स्वदेशी, वैदिक शिक्षा एवं गो संवर्धन हेतु पतंजलि योगपीठ को उक्त भूमि 99 वर्ष के लिए सौंप दी गई है। भूमि का पूर्ण रूप से विश्लेषण कर इस भूमि का दायित्व पतंजलि योगपीठ को दे दिया गया।

              इस प्रोजक्ट से स्थानीय युवाओं एवं किसानों को रोजगार का साधन खुलेगा। पतंजलि योगपीठ को साधु पुल में 93 बीघा भूमि 99 साल के लिए सौंप दी गई है। विगत सरकार ने जमीन की अन्तिम समय में लीज को रद्द कर दिया था, लेकिन माननीय मुख्यमंत्री श्री जयराम जी सरकार ने सत्ता संभालते ही लीज को बहाल करने के संकेत दिए। साथ ही मंत्रिमंडल की बैठक की मंजूरी के बाद श्रद्धेय स्वामी जी महाराज के हिमाचलवासियों के स्वावलम्बन हेतु योग, आयुर्वेद, स्वदेशी, वैदिक शिक्षा एवं गो संवर्धन हेतु हरी झण्डी दिखा दी। कंडाघाट पहुंचने पर पूज्य आचार्य श्री ने उक्त भूमि का निरीक्षण भी किया, उधर, तहसीलदार कंडाघाट ओपी मेहता ने बताया कि पतंजलि योगपीठ के नाम भूमि पंजीकृत की गई है, इस दौरान योगपीठ के पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी महाराज के साथ स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

हिमाचल के लोगों को मिलेगा रोजगार : पूज्य आचार्य श्री

पूज्य आचार्य श्री ने कहा कि हिमाचल में श्रद्धेय स्वामी जी महाराज की प्रेरणा से योग, आयुर्वेद, स्वदेशी, वैदिक शिक्षा एवं गो संवर्धन के विस्तार एवं हिमाचल में युवाओं को रोजगार की संभावनाएं और बढेंगी। स्थानीय लोगों को भी इस सेवा योजना का लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में राजनीतिक मंशा की वजह से प्रोजेक्ट रोका गया था। लेकिन भविष्य में अब तीव्र गति से इसका काम शुरू होगा और प्रोजेक्ट जल्दी ही बनकर तैयार हो जाएगा जिससे हिमाचल में योग, आयुर्वेद व स्वदेशी का उत्थान होगा।

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