योग दिवस : पतंजलि में छठा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

योग दिवस : पतंजलि में छठा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

योग दिवस : पतंजलि में छठा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस   योग, आयुर्वेद की विधा मानव मात्र के कल्याण हेतु निर्मित एक वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति है।   पतंजलि योगपीठ द्वितीय चरण योगभवन में छठे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का कार्यक्रम बड़े उत्साह पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर पूज्य स्वामी जी महाराज ने उपस्थित योग साधक भाई-बहनों, वैदिक गुरुकुलम् के ब्रह्मचारी भाई व साध्वी बहनों, पतंजलि गुरुकुलम् के बाल ब्रह्मचारियों तथा पतंजलि योगपीठ के आसपास के गाँव से आये सभी वर्गों के लोग योग-दिवस में उपस्थित रहे। छठे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के…

योग दिवस : पतंजलि में छठा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

 

योग, आयुर्वेद की विधा मानव मात्र के कल्याण हेतु निर्मित एक वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति है।

 

पतंजलि योगपीठ द्वितीय चरण योगभवन में छठे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का कार्यक्रम बड़े उत्साह पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर पूज्य स्वामी जी महाराज ने उपस्थित योग साधक भाई-बहनों, वैदिक गुरुकुलम् के ब्रह्मचारी भाई व साध्वी बहनों, पतंजलि गुरुकुलम् के बाल ब्रह्मचारियों तथा पतंजलि योगपीठ के आसपास के गाँव से आये सभी वर्गों के लोग योग-दिवस में उपस्थित रहे।

छठे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम के अवसर पर परम पूज्य स्वामी जी महाराज द्वारा निर्धारित योग प्रोटोकाॅल के तहत 21 आसन, 5 प्राणायाम और सूक्ष्म व्यायाम का अभ्यास कराया जिसका आयोजन पतंजलि विश्वविद्यालय के तत्वावधान में योग सप्ताह का समापन कर सम्पन्न हुआ। योगर्षि स्वामी रामदेव जी महाराज एवं श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज के सान्निध्य में लाखों करोड़ों योग साधकों ने विभिन्न चैनलों व फेसबुक लाइव से जुड़कर योग प्रोटोकाल में योगाभ्यास किया।

घर पर रहकर परिवार संग योग विषय को ध्यान में रख, सामाजिक दूरी एवं स्वास्थ्य संबंधी निर्देशों का पालन करते हुए भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित योग प्रोटोकाॅल के साथ-साथ देशवासियों ने परम पूज्य श्री स्वामी जी महाराज के पावन निर्देशन में योगाभ्यास कियाा। सकारात्मकता तथा धैर्य का संदेश देते हुए उन्होंने स्वदेशी व स्वाभिमान का भी मंत्र व साधको का मार्गदर्शन कर आर्शीवाद दिया।

इस महापर्व पर सम्बोधित करते हुए आयुर्वेद मनीषी श्रद्धेय आचार्य श्री बालकृष्ण जी महाराज ने कहा कि योग, आयुर्वेद की विधा मानव मात्र के कल्याण के लिए निर्मित एक वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति है। यह सम्प्रदाय, जाति आदि के भेदभाव से परे है। स्वदेशी से स्वावलंबन की अवधारणा को समझाते हुए उन्होंने कहा कि पूज्य स्वामी जी के नेतृत्व में पतंजलि योग व आयुर्वेद के क्षेत्र में निरंतर नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। अन्त में पूज्य गुरुदेव आचार्य प्रद्युम्न जी महाराज का भी पावन आर्शीवाद प्राप्त हुआ। इस अवसर पर विवि के प्रति कुलपति डाॅ. महावीर अग्रवाल जी, पूज्या साध्वी देवप्रिया जी, स्वामी परमार्थदेव जी, डाॅ. जयदीप आर्य जी, श्री राकेश कुमार जी, डाॅ. पुनिया जी, संस्थान के सेवाभावी ब्रह्मचारी व संन्यासी भाई बहनों सहति वरिष्ठ अधिकारी जुड़े.

 

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