परम पूज्य योग-ऋषि श्रद्धेय स्वामी जी महाराज की शाश्वत प्रज्ञा से निःसृत शाश्वत सत्य...

एलोपैथी के तीन विध्वंसन खतरनाक नुकसान, खुद जानें व सबको बतायें और लोगों

परम पूज्य योग-ऋषि श्रद्धेय स्वामी जी महाराज की शाश्वत प्रज्ञा से निःसृत शाश्वत सत्य...

एलोपैथी के तीन विध्वंसन खतरनाक नुकसान, खुद जानें व सबको बतायें और लोगों को महाविनाश से बचायें|
(1) दवा व दवाओं के दुष्प्रभाव - विज्ञान की भाषा में एलोपैथी के ड्रग्स व उनके कॉम्पलीकेशंस, एडवर्स इफैक्ट के बारे डाक्युमेंटेड तथ्य व प्रमाण हैं कि किस-किस रोग की दवा खाने से और अब तो अधिकतम रोगों के लिए तीन प्रकार की ही दवा अधिकतर दी जा रही है- एन्टीबाइटिक्स, स्टीराइड्स व बॉयोलोजिकल्स, कुछ-कुछ एंटी इन्फ्लीमेशन ड्रग्स व कॉम्पीकेशन मैनेजमेंट ड्रग्स हैं। एक रोग उसके इलाज के लिए ली जाने वाली दवा उसके दुष्प्रभाव से रोगों का एक पूरा खानदान कुटुम्भ तैयार हो जाता है। एक चक्रव्यूह बन जाता है। रोग दवा दुष्प्रभाव रोगापरोग माने डिजीज़ के काम्पलकेशन साथ ही शरीर का रियेक्शन व डिस्ट्रैक्शन अर्थात् शरीर किसी भी अप्राकृतिक तत्त्व को स्वीकार नहीं करता, उसके विरुद्ध संघर्ष करता है और व्यक्ति एक खतरनाक प्राण घातक प्रक्रिया में फंसकर मौत के मुहाने पर खड़ा हो जाता है।
 हम 99% लोगों को इस खतरनाक खेल से बचा रहे हैं। पतंजलि वेलनेस में और बिना सर्जरी लोग के लीवर, किडनी, हार्ट, लंग्स, ब्रेन, घुटनों को ठीक कर रहे हैं।
(3) डर का कारोबार- आपके प्रमाद का पोषण व तत्काल लाभ का लालच देकर लोगों को अपने चंगुल में फंसाकर अन्तत: खतरनाक गुलामी में फंसा लेते हैं। एक गोली खायेंगे, सब कुछ कन्ट्रोल रहेगा ऐसा मानकर लोग 50-100 सालों से बी.पी., शुगर, थायराइडादि की दवा, पेनकिलरादि खा रहे हैं और अब मल्टीपल डिजीज़ के चक्रव्यूह में फंस चुके हैं। मात्र एक घंटा मेरे साथ योगाभ्यास कीजिये और तन, मन व आत्मा का स्वास्थ्य पाने के साथ-साथ जीवन की सफलता, सुख-शान्ति, सच्ची समृद्धि, दैवी सम्पदा व जीवन के सनातन शाश्वत सत्य की अनुभूति योगायुर्वेद से पाइये।
  मेरा आह्वान है संम्पूर्ण देश के सात्विक भाई-बहनों से सुबह या शाम एक से दो घंटा योग कीजिए और यदि कैंसर, लीवर, किडनी फिलियर, R.A. फैक्टर या ऑटो इम्यून डिजीज़ादि से आप ग्रस्त हैं, तो एक से दो सप्ताह या एक से दो माह 100% मेरी बातों का मानकर योगायुर्वेद भय जीवन का अभ्यास कीजिए। मेरा आश्वास है आपकी मृत्यु रोग से नहीं होगी।
  योग करते हुए स्वदेशी का व्रत लेकर पतंजलि का सहयोग कीजिये। आप और हम मिलकर एक रोगमुक्त राष्ट्र व विश्व का निर्माण करेंगे व भारत माता का परम वैभव व सनातन का गौरव विश्व में प्रतिष्ठापित करेंगे।
   योग संदेश को नया स्वरूप, नई दिशा देने के लिए भाई राकेश जी व आपके प्रेम के लिए आप सबको हृदय से अनन्त आशीर्वाद।

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