कोरोनिल किट से लोगों को फायदा मिला,  हार्ट अटैक की घटनाएं चिंता का विशय

कारोबार का स्वदेशी योगः जड़ी बूटियों को लेकर हमारी देवभूमि उत्तराखंड में बहुत संभावनाएं हैं

कोरोनिल किट से लोगों को फायदा मिला,  हार्ट अटैक की घटनाएं चिंता का विशय

देहरादून (उत्तराखण्ड)। न्यूज18 के महामंच राइजिंग उत्तराखंडकार्यक्रम के कारोबार का स्वदेशी योग!सत्र में कारोबार और योग पर संवाद में पतंजलि योगपीठ के परम पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने स्वस्थ्य जीवन शैली अपनाने में जोर देते हुए आहारविहार पर कहा कि नियमित रूप से स्वदेशी, सात्विक भोजन का सेवन अपने जीवन चर्या में उपयोग में लाना चाहिए उन्होंने कहा कि मोटा अनाज खाने की आदत डालें क्योंकि अच्छा भोजन दवाओं से दूर रखता है। कई अनाजों से बने आटे के खाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि खाने की आदत में सुधार की जरूरत है। 
   पूज्य आचार्य जी महाराज ने कहा कि जड़ी बूटियों को लेकर हमारी देवभूमि उत्तराखंड में बहुत संभावनाएं हैं, संभावनाओं पर यदि हम काम करें तो उत्तराखंड को हर्बल स्टेट बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है और जीवन में संस्कार से ही अमृत मिलता है।उन्होंने बताया कि प्लांट बायोडायवर्सिटी का 60ः उत्तराखंड में है। परम पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने देवभूमि उत्तराखंड को देश का हर्बल प्रदेश बताते हुए कहा कि हमें अब संस्कृति और स्वदेशी की ओर लौटना होगा। आयुर्वेद के नाम पर परम पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज और परम पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी महाराज व्यापारी बन गए हैं।इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘पतंजलि को कड़ी परीक्षा देनी पड़ी, अगर हमारी संस्था पतंजलि योगपीठ झूठी होती तो अभी तक इस देश सेवा के कार्य को आगे नहीं बढ़ा पाती।हमारे संस्थान का लक्ष्य देश का पैसा, देश के कल्याण में लगाना ही है।
  उन्होंने कोरोना वायरस के इलाज में कोरोनिल किट को लेकर उठे विवाद पर भी अपनी राय रखी। पूज्य आचार्य जी महाराज ने कहा, ‘कोरोनिल किट से लोगों को फायदा मिलाएवं लोगों का एवं विश्व का विश्वास योग, आयुर्वेद एवं स्वदेशी में बना है। इसके साथ ही उन्होंने हार्ट अटैक की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जाहिर की। योग के महत्व पर भी उन्होंने जोर दिया और कहा, ‘सभी लोगों को योग जरूर करना चाहिए, योग सर्वोत्तम उपाय है, शरीर को रोग से बचाना सबसे बड़ा धर्म है।

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