नये भारत की पीढ़ी तैयार करेगा भारतीय शिक्षा बोर्ड

नये भारत की पीढ़ी तैयार करेगा भारतीय शिक्षा बोर्ड

वैदिक शिक्षा बोर्ड: बोर्ड पर पतंजलि योगपीठ प्रथम चरण में खर्च करेगा 25 करोड़ रुपये, योगर्षि स्वामी रामदेव जी महाराज के सपनों का संसार होगा भारतीय ‘‘शिक्षा बोर्ड’’ हरिद्वार। भारतीय शिक्षा बोर्ड योगर्षि स्वामी रामदेव जी महाराज के सपनों का संसार होगा। देश की पुरातन और आधुनिक शिक्षा को जोड़कर इस बोर्ड के माध्यम से नये भारत की पीढ़ी तैयार की जाएगी। पतजंलि योगपीठ इस कार्य के लिए प्रथम चरण में 21 से 25 करोड़ रुपये तक खर्च करेगी। देश के तमाम आचार्यकुलम् और शिक्षण केन्द्र इस वैदिक बोर्ड से…

वैदिक शिक्षा बोर्ड: बोर्ड पर पतंजलि योगपीठ प्रथम चरण में खर्च करेगा 25 करोड़ रुपये,

योगर्षि स्वामी रामदेव जी महाराज के सपनों का संसार होगा भारतीय ‘‘शिक्षा बोर्ड’’

हरिद्वार। भारतीय शिक्षा बोर्ड योगर्षि स्वामी रामदेव जी महाराज के सपनों का संसार होगा। देश की पुरातन और आधुनिक शिक्षा को जोड़कर इस बोर्ड के माध्यम से नये भारत की पीढ़ी तैयार की जाएगी। पतजंलि योगपीठ इस कार्य के लिए प्रथम चरण में 21 से 25 करोड़ रुपये तक खर्च करेगी। देश के तमाम आचार्यकुलम् और शिक्षण केन्द्र इस वैदिक बोर्ड से जोड़े जाएंगे।

गौरतलब है कि केन्द्र सरकार ने सीबीएसई बोर्ड की तर्ज पर श्रद्धेय स्वामी जी महाराज के भारतीय शिक्षा बोर्ड को मान्यता दे दी है। अब इस बोर्ड से स्कूल संबद्ध हो सकंेगे। पतंजलि योगपीठ के महामंत्री पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने बताया कि लम्बे समय से ऐसे बोर्ड की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। जो भारत के प्राचीन और आधुनिक ज्ञान को समन्वित करे। देश में ऐसे सैकड़ों संस्थान और गुरुकुल हैं, जो भारत की प्राचीन विद्याओं की पढ़ाई कराते हैं। दुर्भाग्य से इनमें पढ़ने वाले छात्र उच्च संस्थानों में प्रवेश नहीं ले पाते हैं। इस संस्थानों के छात्रों का प्रवेश इंजीनियरिंग, प्रबंधन और मेडिकल काॅलेजों में नहीं हो पाता है। इसके लिए ऐसे बोर्ड की आवश्यकता थी, जो पुरानी और नई दोनों विधाओं का समन्वय कर शिक्षा दे सके। अब भारतीय वैदिक शिक्षा बोर्ड इस दिशा में सार्थक भूमिका निभाएगा।

वेद विद्या और विज्ञान दोनों की होगी पढ़ाई –

पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने बताया कि यह देश का ऐसा पहला बोर्ड होगा जो विज्ञान, गणित, भूगोल, इतिहास, वेद, दर्शनशास्त्र, संस्कृत, कला, प्राकृति ज्ञान आदि को एक साथ पाठ्यक्रम के रूप में पढ़ाएगा। समूचे देश के शिक्षण संस्थान इस बोर्ड से जुड़ सकेंगे। यह बोर्ड सीबीएसई की तरह 12वीं कक्षा तक के लिए एक शैक्षणिक माॅडल तैयार करेगा। पूज्य आचार्य श्री ने विश्वास जताया कि भारत को स्वर्णिम भविष्य की ओर ले जाने के लिए इस बोर्ड से जुड़े शिक्षण संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अंतर्गत पूर्ण वित्त घोषित यह स्वायत्त संस्था वेद विद्या और विज्ञान के ज्ञान को जोड़कर छात्रों के सम्मुख एक पाठ्यक्रम के रूप में प्रस्तुत करेगी। बोर्ड का मुख्यालय कहां रहेगा, इनका निर्धारण शीघ्र कर लिया जाएगा।

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