पतंजलि व उत्तर प्रदेश की सहकारी समितियों के बीच अनुबंध

पतंजलि व उत्तर प्रदेश की सहकारी समितियों के बीच अनुबंध

पतंजलि व उत्तर प्रदेश की सहकारी समितियों के बीच अनुबंध पतंजलि योगपीठ के साथ समझौता होने से उत्तर प्रदेश के किसानों को, ग्रामीणों को मिलेगा लाभ हरिद्वार (07 मार्च, 2019)। श्रद्धेय स्वामी जी महाराज एवं पूज्य आचार्य श्री एवं पतंजलि परिवार के अथक प्रयास से स्वदेशी आंदोलन को विस्तार देने को पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर व मुरादाबाद मंडल की 271 सहकारी समितियांे के बीच समझौता (एमओयू) पर हुए हस्ताक्षर। इसके तहत ये सहकारी समितियां पतंजलि आयुर्वेद का समान बेच सकेंगी। इससे पूर्व मुख्य अतिथि के…

पतंजलि व उत्तर प्रदेश की सहकारी समितियों के बीच अनुबंध

पतंजलि योगपीठ के साथ समझौता होने से उत्तर प्रदेश के किसानों को, ग्रामीणों को मिलेगा लाभ

हरिद्वार (07 मार्च, 2019)। श्रद्धेय स्वामी जी महाराज एवं पूज्य आचार्य श्री एवं पतंजलि परिवार के अथक प्रयास से स्वदेशी आंदोलन को विस्तार देने को पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर व मुरादाबाद मंडल की 271 सहकारी समितियांे के बीच समझौता (एमओयू) पर हुए हस्ताक्षर। इसके तहत ये सहकारी समितियां पतंजलि आयुर्वेद का समान बेच सकेंगी। इससे पूर्व मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उत्तर प्रदेश के सहकारिता मंत्री श्री मुकुट बिहारी वर्मा जी ने पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी महाराज को शाल एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ एवं स्वागत किया।

             इस अवसर पर सहकारिता मंत्री श्री मुकुट बिहारी वर्मा जी ने कहा कि हरिद्वार की पवित्र भूमि पर स्थापित पतंजलि योगपीठ की योग, अध्यात्म, स्वदेशी तथा अनेक जनकल्याणकारी सेवाओं को प्रणाम करते हुए कहा कि आज यह अनुबंध ग्रामीणों, किसानों तथा सहकारी समिमियों के लिए निश्चित रूप से परिणामदायक होगा। साथ ही सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में निवास कर रहें ग्रामीणों को पूर्ण स्वदेशी और गुणवत्तायुक्त उत्पाद विशेष छूट पर सुलभ हो सकेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त की, कि इस योजना से सहकारी समितियों को 250 से 300 करोड़ रुपये सालाना लाभ होगा। पूज्य आचार्य श्री ने कहा कि योगर्षि स्वामी रामदेव जी महाराज के दिशा-निर्देशन तथा पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार के तत्वावधान में पूरे भारतवर्ष में योग, आयुर्वेद एवं स्वदेशी के प्रचार-प्रसार के साथ देश के कोने-कोने तक स्वदेशी के अभियान को ‘स्वदेशी समृद्धि कार्ड’ से जोड़कर धारक को एक बीमा योजना से जोड़ा जा रहा है, इसके अंतर्गत कार्डधारक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर उसके द्वारा नामित या आश्रित व्यक्ति को अनुदान सहयोग के रूप में पांच लाख रुपये की राशि दी जाएगी एवं स्थायी दिव्यांगता होने पर ढाई लाख रुपये सहायता के रूप में दिये जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस योजना से रोजगार सृजन भी होगा, प्रत्येक पतंजलि सहकारी एक केन्द्रों पर तीन व्यक्तियों को रोजगार भी सुलभ होगा।

            इस मौके पर उत्तर प्रदेश सहकारिता के सचिव वीएस रामा रेड्डी जी ने कहा कि अगले एक से दो वर्ष में लगभग 3500 समितियों को इस योजना से जोड़ा जाएगा। जिससे लगभग 3500 करोड़ के उत्पाद विक्रय करने का लक्ष्य है। इस मौके पर अपर निबंधक एसएन तिवारी, पतंजलि बायो अनुसंधान संस्थान के उपाध्यक्ष आर.के. अनांद, अखिल वाजपेयी और पतंजलि की ओर से अंशुल शर्मा, पारुल शर्मा, आरके आनन्द, ऋषि वर्मा आदि उपस्थित रहे।

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