श्रद्धेय स्वामी जी महाराज द्वारा संन्यासियों को दी ऋषि कर्म के साथ कृषि कर्म की दीक्षा

श्रद्धेय स्वामी जी महाराज द्वारा संन्यासियों को दी ऋषि कर्म के साथ कृषि कर्म की दीक्षा

पतंजलि योगपीठ में खेतों में श्रद्धेय स्वामी जी महाराज ने संन्यासियों को सिखाया गेहूँ की फसल काटने के तरीके । हरिद्वार (25 अप्रैल, 2019)। योगर्षि स्वामी रामदेव जी महाराज ने संन्यासी भाई-बहनों संग किसान के तौर पर फसल काटीं। श्रद्धेय स्वामी जी महाराज ने पतंजलि के खेतों में पहुंचकर गेहूँ की फसल काटी। साथ ही, संन्यासियों को सही तरह से फसल काटने की शिक्षा भी दी। सोशल मीडिया में श्रद्धेय स्वामी जी महाराज का एक आम किसान की तरह इस प्रकार चुस्ती-फुर्ती से खेतों में फसल काटते हुए का वीडियों…

पतंजलि योगपीठ में खेतों में श्रद्धेय स्वामी जी महाराज ने संन्यासियों को सिखाया गेहूँ की फसल काटने के तरीके ।

हरिद्वार (25 अप्रैल, 2019)। योगर्षि स्वामी रामदेव जी महाराज ने संन्यासी भाई-बहनों संग किसान के तौर पर फसल काटीं। श्रद्धेय स्वामी जी महाराज ने पतंजलि के खेतों में पहुंचकर गेहूँ की फसल काटी। साथ ही, संन्यासियों को सही तरह से फसल काटने की शिक्षा भी दी। सोशल मीडिया में श्रद्धेय स्वामी जी महाराज का एक आम किसान की तरह इस प्रकार चुस्ती-फुर्ती से खेतों में फसल काटते हुए का वीडियों वायरल हुआ।
                 श्रद्धेय स्वामी जी महाराज ने विगत वर्ष लगभग 100 भाई-बहनों को संन्यास की दीक्षा प्रदान कि थी। इनमें सभी जाति वर्ग के भाई-बहन को दीक्षा प्रदान कि गई। इन संन्यासियों के अलावा श्रद्धेय स्वामी जी महाराज से जुड़े कई सेवाव्रती (जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन श्रद्धेय स्वामी जी महाराज को समर्पित किया है) भी पतंजलि में रहते हंै। श्रद्धेय स्वामी जी महाराज की प्रेरणा से पतंजलि योगपीठ में संन्यासी और सेवाव्रती भाई-बहन योग और आध्यात्म के अलावा सेवा कार्यों से भी जुड़े हैं। श्रद्धेय स्वामी जी महाराज ने हरिद्वार प्रेस क्लब में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में बताया कि उनका जीवन का सफर केवल तीन सौ रुपये से प्रारम्भ हुआ था जो आज करीब 11 हजार करोड़ रुपये के आसपास है। श्रद्धेय स्वामी जी महाराज की शख्सियत की खास बात यह है कि सफलता के इस मुकाम पर पहुंच जाने के बाद भी वे जमीन से जुड़े हएु हर कार्य को स्वयं करने से पीछे नहीं है। इन दिनों पतंजलि के खेतों में भी गेहूँ की फसल काटने का काम चल रहा है। संन्यासी भाई-बहन खेतों में फसल काट रहे थे। तभी श्रद्धेय स्वामी जी महाराज खेत में पहुंच गये। श्रद्धेय स्वामी जी महाराज ने संन्यासियों को गेहूँ की फसल काटते देखा और अचानक एक संन्यासी के हाथ से दरांती लेकर फसल को काटने की शिक्षा दी। श्रद्धेय स्वामी जी महाराज को खेत में फसल को इतनी तेजी से काटते हुए संन्यासियों को बताया कि मुट्ठी में ज्यादा फसल नहीं पकड़नी चाहिए। इससे अंगुली कटने का खतरा रहता है। फसल काटने के बाद खेत में ठूंठ नहीं रहने चाहिए। श्रद्धेय स्वामी जी महाराज ने जड़ से फसल काटकर दिखाते हुए बाकायदा संन्यासियों को इस बारे में समझाया।
                  खेत में फसल काटते हुए श्रद्धेय स्वामी जी महाराज का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुआ। सम्पूर्ण देशवासियों में श्रद्धेय स्वामी जी महाराज को किसान के रूप में देख एवं उनकी चुस्ती-फुर्ती की प्रशंसा कर रहे हैं।

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