112वीं जयंती: भगत सिंह की जयंती पर स्वदेषी अपनाने व देषप्रेम जगाने का लिया संकल्प

112वीं जयंती: भगत सिंह की जयंती पर स्वदेषी अपनाने व देषप्रेम जगाने का लिया संकल्प

112वीं जयंती: भगत सिंह की जयंती पर स्वदेषी अपनाने व देषप्रेम जगाने का लिया संकल्प हुब्बली (कर्नाटक)। पतंजलि योग समिति, भारत स्वाभिमान युवा भारत की ओर से बाफना भवन केश्वापुर हुबली में अमर शहीद भगत सिंह को 112वीं जयंती मनाई गई। पतंजलि योग समिति के कर्नाटक राज्य प्रभारी भंवरलाल आर्य, कार्यालय प्रभारी विनय तथा मीडिया प्रभारी सचिन जी ने भगतसिंह की भावचित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर भंवरलाल जी ने कहा कि आज ही के दिन 28 सितम्बर 1907 को पंजाब…

112वीं जयंती: भगत सिंह की जयंती पर स्वदेषी अपनाने व देषप्रेम जगाने का लिया संकल्प

हुब्बली (कर्नाटक)। पतंजलि योग समिति, भारत स्वाभिमान युवा भारत की ओर से बाफना भवन केश्वापुर हुबली में अमर शहीद भगत सिंह को 112वीं जयंती मनाई गई। पतंजलि योग समिति के कर्नाटक राज्य प्रभारी भंवरलाल आर्य, कार्यालय प्रभारी विनय तथा मीडिया प्रभारी सचिन जी ने भगतसिंह की भावचित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर भंवरलाल जी ने कहा कि आज ही के दिन 28 सितम्बर 1907 को पंजाब प्रांत के लायलपुर जिले के बंगा गांव में अमर बलिदानी भगतसिंह का जन्म हुआ था। जो अब पाकिस्तान में है।
महज 12 वर्ष की उम्र में बगैर किसी को बताए भगत सिंह जलियांवाला बाग चले गये थे और वहां की मिट्टी लेकर घर लौटे थे। भारत माता को आजाद कराने का संकल्प लिया था। क्रांतिकारी करतार सिंह सराभा को अपना आदर्श मानते थे। हमें उनके आदर्श राष्ट्रनिष्ठा व देश प्रेम को अपने जीवन में अपनाना चाहिए तथा उस पर चलकर भारत को विश्वगुरु बनाने में अपना योगदान अवश्य देना चाहिए। इस अवसर पर हुबली धारवाड़ पतंजलि परिवार के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन बसवराज एस.के. द्वारा हुआ।

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