स्वच्छ भारतः गाँधी जयंती पर पोटब्लेयर में चला स्वच्छता अभियान

स्वच्छ भारतः गाँधी जयंती पर पोटब्लेयर में चला स्वच्छता अभियान

पोटब्लेयर (अंडमान निकोबार)। महात्मा गाँधी जी के 150वें जयन्ती के उपलक्ष्य में भारत स्वाभिमान (न्यास), पतंजलि योग समिति, महिला पतंजलि योग समिति, युवा भारत एवं पतंजलि किसान सेवा समिति, अंडमान तथा निकोबार राज्य इकाई द्वारा पोटब्लेयर नगर पालिका परिसद के साथ एवं उद्योग विभाग के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान तथा स्वास्थ्य शरीर ही सबसे बड़ा सम्पत्ति है इस अभियान के तहत योग प्रशिक्षण, स्वच्छता अभियान, श्रमदान, सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त जीवन, फल तथा मिठाई वितरण, जागरूकता कार्यक्रम किया गया। इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम स्वच्छता अभियान मुख्य रूप से सेवानिकेतन आश्रम,…

पोटब्लेयर (अंडमान निकोबार)। महात्मा गाँधी जी के 150वें जयन्ती के उपलक्ष्य में भारत स्वाभिमान (न्यास), पतंजलि योग समिति, महिला पतंजलि योग समिति, युवा भारत एवं पतंजलि किसान सेवा समिति, अंडमान तथा निकोबार राज्य इकाई द्वारा पोटब्लेयर नगर पालिका परिसद के साथ एवं उद्योग विभाग के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान तथा स्वास्थ्य शरीर ही सबसे बड़ा सम्पत्ति है इस अभियान के तहत योग प्रशिक्षण, स्वच्छता अभियान, श्रमदान, सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त जीवन, फल तथा मिठाई वितरण, जागरूकता कार्यक्रम किया गया। इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम स्वच्छता अभियान मुख्य रूप से सेवानिकेतन आश्रम, डायरि फार्म पोटब्लेयर में व बालिका कन्या आश्रम एयर रोड, डिलानिपुर, दक्षिण अंडमान तथा उद्योग विभाग अदि में किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रवक्ता शिवशंकर जी, राज्य प्रभारी भारत स्वाभिमान अंडमान निकोबार, श्रीमती प्रतिमा जी, सिनियर वाइस चैयर पर्सन, पोर्ट ब्लेयर नगर पालिका परिषद, श्री अदत्य जी, वार्डेन, सेवा निकेतन आश्रम, स्वाद्यी माता जी, बालिका कन्या आश्रम जी थे। इस कार्यक्रम में योग का महत्व, साफ-सफाई तथा प्लास्टिक से पर्यावरण पर क्या असर पड़ता है। उसक ेबारे में जागरूक किया गया। उपस्थित भाई-बहनों को संगठन के द्वारा परम पूज्य स्वामी जी महाराज तथा श्रद्धेय आचार्य श्री के कठोर परिश्रम एवं संकल्प के मार्गदर्शन से योग आयुर्वेद तथा शिक्षा के क्षेत्र में चल रहे सर्वश्रेष्ठ कार्य, सेवा प्रकल्पों के बारे में अवगत कराया गया।

Related Posts

Advertisement

Latest News

आयुर्वेद में वर्णित अजीर्ण का स्वरूप, कारण व भेद आयुर्वेद में वर्णित अजीर्ण का स्वरूप, कारण व भेद
स शनैर्हितमादद्यादहितं च शनैस्त्यजेत्।     हितकर पदार्थों को सात्म्य करने के लिए धीरे-धीरे उनका सेवन आरम्भ करना चाहिए तथा अहितकर पदार्थों...
अयोध्या में भगवान श्री रामजी की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव
ऐतिहासिक अवसर : भारतीय संन्यासी की मोम की प्रतिकृति बनेगी मैडम तुसाद की शोभा
पतंजलि योगपीठ में 75वें गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण कार्यक्रम
भारत में पहली बार पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन में कोविड के नये वैरिएंट आमीक्रोन JN-1 के स्पाइक प्रोटीन पर होगा अनुसंधान
आयुर्वेद अमृत
लिवर रोगों में गिलोय की उपयोगिता को अब यू.के. ने भी माना