स्वदेशी विस्तार : माननीय प्रधानमंत्री जी ने लोगों से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की।

स्वदेशी विस्तार : माननीय प्रधानमंत्री जी ने लोगों से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की।

भारत में बना, हमारे देशवासियों के हाथों से बना, हमारे देशवासियों के पसीने की जिसमें महक हो, ऐसी चीजों को हम खरीदने का आग्रह करें। नयी दिल्ली, 29 दिसंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने लोगों से अपील की कि वे भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ पूरी होने तक अगले तीन साल स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दें। मोदी जी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की और कहा कि दूसरों को भी स्थानीय उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे…

भारत में बना, हमारे देशवासियों के हाथों से बना, हमारे देशवासियों के पसीने की जिसमें महक हो, ऐसी चीजों को हम खरीदने का आग्रह करें।

नयी दिल्ली, 29 दिसंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने लोगों से अपील की कि वे भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ पूरी होने तक अगले तीन साल स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दें। मोदी जी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की और कहा कि दूसरों को भी स्थानीय उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे प्यारे देशवासियो क्या हम संकल्प ले सकते हैं कि 2022 तक जब आजादी के 75 वर्ष पूरे होंगे, इन 2-3 साल हम स्थानीय उत्पाद खरीदने के आग्रही बनें?’’ प्रधानमंत्री जी ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘भारत में बना, हमारे देशवासियों के हाथों से बना, हमारे देशवासियों के पसीने की जिसमें महक हो, ऐसी चीजों को हम खरीदने का आग्रह कर सकते हैं क्या? मैं लंबे समय के लिए नहीं कहता हूं, सिर्फ 2022 तक। आजादी के 75 साल हों, तब तक।’’ मोदी ने कहा कि यह काम सिर्फ सरकार द्वारा नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि देशभर में युवाओं को आगे आना चाहिए। उन्होंने इसके लिए छोटे संगठन बनाकर लोगों को प्रेरित करने, स्थानीय उत्पादों को प्रतिष्ठा और शान से जोड़ने की अपील की। प्रधानमंत्री जी ने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने स्वदेशी को लाखों लोगों के जीवन में उजाला लाने के साधन के रूप में देखा। उन्होंने कहा, ‘‘महात्मा गांधी ने स्वदेशी की इस भावना को ऐसे दीपक के रूप में देखा जो लाखों लोगों के जीवन को रोशन करता हो। गरीब से गरीब के जीवन में समृद्धि लाता हो।’’ मोदी जी ने कहा कि सौ साल पहले गांधी जी ने भारतीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए एक बड़ा जन आंदोलन शुरू किया था और आत्मनिर्भर बनने के लिए यह गांधी जी का दिखाया हुआ रास्ता है। प्रधानमंत्री जी ने इससे पहले 15 अगस्त को लालकिले से स्थानीय सामान खरीदने के लिए लोगों से आग्रह किया था। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने लाल किले से 15 अगस्त को कहा था कि हम देशवासी स्थानीय सामान खरीदने का आग्रह रखें। आज फिर से मेरा यही सुझाव है, क्या हम स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों को प्रोत्साहन दे सकते हैं? क्या अपनी खरीदारी में उन्हें प्राथमिकता दे सकते हैं? क्या हम स्थानीय उत्पादों को अपनी प्रतिष्ठा और शान से जोड़ सकते हैं? क्या हम इस भावना के साथ अपने साथी देशवासियों के लिए समृद्धि लाने का माध्यम बन सकते हैं?’’ उन्होंने एक महिला द्वारा स्थानीय स्तर पर संचालित चप्पल बनाने के कारखाने को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश के फूलपुर में स्थानीय पुलिस और उनके परिवारों की तारीफ की। मोदी ने कहा कि इन महिलाओं के संकल्प के कारण न केवल उनके परिवारों की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सुधार हुआ है।

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