पतंजलि सेवा कार्य – सोशल मीडिया से पतंजलि द्वारा कोरोना काल में सेवा-कार्य व योग-प्रचार

पतंजलि सेवा कार्य – सोशल मीडिया से पतंजलि द्वारा कोरोना काल में सेवा-कार्य व योग-प्रचार

पतंजलि सेवा कार्य – सोशल मीडिया से पतंजलि द्वारा कोरोना काल में सेवा-कार्य व योग-प्रचार                     कोरोना-काल में संपूर्ण विश्व में जहां बहुत भयानक संकट रहा वहां पर पतंजलि योगपीठ द्वारा अनेकों सेवा के कार्य आगे बढ़ाए गए कोरोना-काल में जहां पूरी तरह सड़के सूनी थी, सम्पूर्ण लोकडाउन था, गतिविधियां ठप पड़ी हुई थी, अनेकों संस्थान बंद थे ऐसे में यह माना जा रहा था कि घर पर ही बैठना इस कोरोना का समाधान है और घर पर बैठकर जब सारी…

पतंजलि सेवा कार्य – सोशल मीडिया से पतंजलि द्वारा कोरोना काल में सेवा-कार्य व योग-प्रचार

 

                  कोरोना-काल में संपूर्ण विश्व में जहां बहुत भयानक संकट रहा वहां पर पतंजलि योगपीठ द्वारा अनेकों सेवा के कार्य आगे बढ़ाए गए कोरोना-काल में जहां पूरी तरह सड़के सूनी थी, सम्पूर्ण लोकडाउन था, गतिविधियां ठप पड़ी हुई थी, अनेकों संस्थान बंद थे ऐसे में यह माना जा रहा था कि घर पर ही बैठना इस कोरोना का समाधान है और घर पर बैठकर जब सारी गतिविधियां शिथिल थी। उस समय पतंजलि योगपीठ ने अपने सेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाते हुए आॅनलाइन सोशल मीडिया के माध्यम से अलग-अलग प्लेटफार्म से लगातार संस्थागत तौर पर सरकार का सहयोग करते रहे। परम पूज्य स्वामी जी महाराज एवं श्रद्धेय आचार्य श्री के निर्देशानुसार पतंजलि योगपीठ परिवार के अलग-अलग संगठनों के विभिन्न कार्यकर्ताओं ने कोरोना वार्रियर्स के रूप में कार्य किया देश के 600 से अधिक जिलों में सभी राज्यों में पतंजलि परिवार कि बहनों द्वारा मास्क बनाकर वितरण एवं क्योरटाईन सेंटर में जाकर योग सिखाया एवं कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों को आॅनलाइन योग की कक्षा के माध्यम से योग सिखाना, गिलोय का वितरण व काढ़ा बनाकर पिलाया। फेसबुक, वाट्सएप व ट्विटर के माध्यम से जिन लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जो समस्याएं आ रही थी, उन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का घरेलू उपचार द्वारा, घर के अंदर ही उसका समाधान करने में पतंजलि योगपीठ परिवार के लाखों कार्यकर्ता निरंतर अहर्निश सेवा में संलग्न थे।

परम पूज्य स्वामी जी महाराज एवं परम श्रद्धेय आचार्य जी महाराज लगातार टीवी चैनल के माध्यम से प्रतिदिन 5 से 7 घंटा लोगों को योग-प्राणायाम, घरेलू उपचार, एक्यूप्रेशर, खान-पान से लेकर कैसे कोरोना से बचाव व निवारण हेतु ज्ञानवर्धक जानकारी निरंतर देते रहे है।

लोकडाउन में प्रत्येक दिन जहां प्रिंट-मीडिया, इलेक्ट्राॅनिक-मीडिया में कोरोना महामारी के आंकड़ों से भरा हुआ था, चारों तरफ भयंकर निराशा का वातावरण फैला हुआ था। उस निराशा के वातावरण में पतंजलि योगपीठ द्वारा परम पूज्य स्वामी जी महाराज और परम श्रद्धेय आचार्य श्री महाराज द्वारा निरंतर सोशल-मीडिया व इलेक्ट्राॅनिक-मीडिया के माध्यम से देश के करोड़ों योग साधकों से अलग-अलग देश व प्रदेश में निरंतर संवाद किया गया। संवाद के माध्यम से जब इस कोरोना महामारी जिसका कोई भी ट्रीटमेंट या उपचार आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में नहीं था, इम्यूनिटी लो (कम) होने से जिसके नुकसान और ज्यादा हो रहे थे उस समय आयुर्वेद और योग के गहरे रहस्यों को देश को दुनिया के सामने रखा।

श्रद्धेय स्वामी जी महाराज द्वारा रसोई घर के मसालों से और सामान्य चीजों से काढ़ा बनाकर सेवन कर इम्यूनिटी बढ़ाने व योग द्वारा अपने आप को कोरोना महामारी से बचाने के बारे में बताया गया। साथ ही लोकडाउन में घर पर रहते हुए गहरी निराशाओं से अवसाद से बचने के लिए ओनलाईन मोटिवेशन के साथ-साथ सरल, सहज, योग-आयुर्वेद, घरेलू उपचार बताकर जन-जन तक पतंजलि द्वारा जनजागरूक कर लोगों को व उनके परिवारों को कोरोना से बचाव के कार्य चलाया गया।

आनलाईन प्रचार-प्रसार-

22 मार्च में जैसे ही राष्ट्रीय स्तर पर लोकडाउन की घोषणा की गई, परम पूज्य स्वामी जी महाराज व श्रद्धेय अचार्य जी महाराज ने सरकार का पूर्ण रूप से सहयोग करते हुए लोगों को घर पर रहने की अपील की गई और इसके साथ-साथ इलेक्ट्राॅनिक मीडिया में लगभग सभी बड़े न्यूज चैनल के ऊपर स्पेशल कार्यक्रम आयोजित करके इस कोरोना काल के समय कैसे अपने आप को स्वस्थ रखें, इम्यूनिटी को कैसे बढ़ाए व आॅनलाईन कोरोना बचाव पर मोटिवेशन किया गया।

राष्ट्रीय स्तर के न्यूज चैनल के माध्यम से योग आयुर्वेद का प्रचार व कोरोना से महामारी से बचाव का सेवा कार्य-

जैसे ही भारत में करोना आपदा के विषय में खबरें आनी शुरू हुई, लोकडाउन शुरू हुआ भारत के यश्स्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर परम पूज्य स्वामी जी महाराज द्वारा स्वयं दीपक जलाकर कोरोना वारियर्स, प्रशासन व सरकार का लाॅकडाउन में पूरा सहयोग किया। इसके साथ-साथ जब भारतीय लोगों को बहुत से भ्रम व भ्रांतियां थी तो उस संकट के समय श्रद्धेय स्वामी जी महाराज द्वारा भ्रम के निराकरण के लिए खुद मार्च महीने में दो बार, अप्रैल महीने में तीन बार, मई-जून से लेकर सितंबर तक हर महीने कई-कई बार देश के लगभग सभी न्यूज चैनल इंडिया टीवी, एबीपी न्यूज, आज तक, जी न्यूज, टाइम्स नाउ, ज्ट9ए भारतवर्ष, एनडीटीवी, रिपब्लिक भारत न्यूज, 24 न्यूज, डीडी नेशनल से लेकर जितने भी राष्ट्रीय स्तर के न्यूज चैनल है उनके ऊपर स्वयं कई-कई घंटों के प्रोग्राम में कोरोना के लक्षण, बचाव, उपचार से लेकर कोरोना के समय क्या खाएं? और क्या न खाएं? कोरोनावायरस बचाव के लिए कौन-कौन से योग घर पर बैठकर करें आदि की जानकारी दी। कोरोनावायरस अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ अपने मानसिक स्वास्थ्य को कैसे उन्नत बनाएं इसके बारे में पूज्य स्वामी जी महाराज और श्रद्धेय आचार्य जी महाराज ने इलेक्ट्राॅनिक मीडिया के माध्यम से देश के लगभग 100 करोड से अधिक लोगों को अवगत कराया।

आस्था, संस्कार, वैदिक चैनल के माध्यम से योग का प्रचार प्रसार-

इस कोरोना काल में जहां एक तरफ पूरी दुनिया की स्थिति ठीक नहीं थी और ऐसा लगता था कि कुछ समाधान नहीं हो रहा, उस समय परम पूज्य स्वामी जी महाराज ने लगातार फरवरी में अपने आॅस्ट्रेलिया प्रवास के तत्काल बाद से ही प्रतिदिन सुबह 5ः00 से लेकर 7ः30 बजे तक आस्था चैनल पर उसके बाद 8ः00 से लेकर 8ः40 तक इंडिया टीवी पर और फिर रात्रि को आस्था व संस्कार पर योग के प्रचार प्रसार का आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार का कार्यक्रम जनजागरण के लिए चलाया।

यह कार्यक्रम निरंतर आज तक निर्बाध गति से चल रहा है। कई बार तो ऐसा हुआ जब पूज्य स्वामी जी महाराज को किसी आवश्यक कार्य से दिल्ली या कहीं बाहर जाना पड़ा रात्रि को 2ः00 बजे जब उनका आना हुआ तो भी यह कार्यक्रम प्रातःकाल ध्यान और ध्यान के बाद योगाभ्यास और योगाभ्यास के बाद इंडिया टीवी का निरंतर चलता रहा इस कार्यक्रम में अलग-अलग बीमारियों के लिए विशेष योगाभ्यास मोटापे के लिए, मधुमेह के लिए, कमर दर्द के लिए, किडनी के रोगियों के लिए, कोलस्ट्रोल और हृदय रोगियों के लिए, ब्लड प्रेशर के लिए, सर्वाइकल स्पाॅन्डिलाइटिस आदि के लिए विशेष योगाभ्यास पर स्पेशल प्रोग्राम बनाए गए। करोड़ों लोगों ने इन प्रोग्रामों को पसंद किया टीवी के सामने बैठकर भारतीयों ने समय का पूर्ण सदुपयोग किया। उन्होंने घर पर बैठकर योग सीखा, योगाभ्यास किया और अपनी बीमारियों को दूर भी किया।

स्वास्थ्य समाधान कार्यक्रम-

परम श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण जी महाराज का ‘स्वास्थ्य समाधान’ कार्यक्रम लोकडाउन के समय प्रत्येक शनिवार को शाम 4ः00 बजे से लेकर 5ः00 बजे तक एक ‘स्वास्थ्य समाधान’ के नाम से सीरीज चलाई गई जिसमें फेसबुक के ऊपर पूज्य आचार्य श्री महाराज ने लोगों द्वारा पूछे जाने वाले सवालों का आयुर्वेदिक और घरेलू समाधान उपचार बताया। इस कार्यक्रम को भी पूरे लोकडाउन काल में करोड़ों लोगों द्वारा देखा गया और अत्यंत सराहना भी की गई। इस कार्यक्रम से घर बैठे लोगों को अपनी बीमारियों के बारे में आधुनिक युग के धन्वंतरी परम पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी महाराज से सीधे संवाद करने का अवसर मिला।

पतंजलि योगपीठ द्वारा प्रधानमंत्री राहत कोष में योगदान- इस कोरोना वायरस की महामारी में प्रधानमंत्री राहत कोष में पतंजलि योगपीठ द्वारा 25 करोड़ रुपये तथा पतंजलि संस्थान के कर्मयोगियों द्वारा 1 करोड़ रुपये से अधिक सहयोग प्रधानमंत्री राहत-कोष में कोरोना राहत में योगदान किया। मुख्य केन्द्रीय प्रभारी पूज्या साध्वी देवप्रिया जी, आदरणीय डाॅ. जयदीप आर्य जी व श्री राकेश कुजार जी द्वारा 1-1 लाख रुपये का दान पतंजलि आपदा राहत-कोष में प्रदान किया।

पतंजलि परिवार के विभिन्न संगठनों द्वारा वदसपदम योग कक्षाएं- कोरोना काल के प्रकोप में पार्कों में लाॅकडाउन के कारण लोग एकत्रित नहीं हो सकते थे और बीमारी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा था। लोग घर पर शिथिल बैठे हुए थे। शिथिलता, घर पर बैठने के कारण, लैपटाॅप व मोबाइल पर लगातार काम करने से जीवनशैली प्रभावित हुई जिससे कई बीमारियाँ बढ़ रही थी। उस समय पतंजलि योगपीठ परिवार के सभी संगठनों ने पतंजलि योग समिति, भारत स्वाभिमान, महिला पतंजलि योग समिति, युवा भारत, पतंजलि किसान सेवा समिति, हाम्रो स्वाभिमान के लाखों योग शिक्षकों ने अपने घर पर व्हाट्सएप के माध्यम से और आॅनलाइन मीटिंग प्लेटफार्म जैसे- गूगल मीट, व्हाट्सएप मीटिंग, टेलीग्राम आदि के माध्यम से आॅनलाइन योग कक्षाएं शुरू की और आॅनलाइन कक्षाएँ के माध्यम से 20, 30, 50 से लेकर 500-500 तक के ग्रुप में लोगों ने घर पर बैठकर योग-प्राणायाम सीखा, प्रतिदिन अभ्यास किया और स्वयं को महामारी से बचाया।

इंडिया टीवी का योग-आयुर्वेद का विशेष प्रोग्राम-

कोरोनाकाल में योग और आयुर्वेद के प्रति लोगों के रुझान को देखते हुए इंडिया टीवी ने पतंजलि योगपीठ परिवार से मिलकर एक नई मुहिम शुरू की व न्यूज चैनल जहां केवल न्यूज या इन्फोटेनमेंट की सूचना ही देते थे वहां पर लोगों की रूचि व आवश्यकता को देखते हुए इंडिया टीवी ने योग का एक स्पेशल प्रोग्राम डिजाइन किया। इस कार्यक्रम में प्रतिदिन पूज्य स्वामी जी महाराज किसी एक विशेष बीमारी को लेकर उसके कारण, पथ्य-अपथ्य, रोग विशेष में उपयोगी आसन, प्राणायाम तथा सूक्ष्म व्यायाम, कौनसी क्रिया करें? कौन सा आयुर्वेदिक उपचार करें? घर पर हम कैसे आयुर्वेदिक दवाइयां बना सकते है? यह सब बहुत उपयोगी रूप में, सरलता से लोगों को समझाया। इस कार्यक्रम से लोगों का सीधा जुड़ाव योग से हुआ। दर्शकों का वह वर्ग जो आध्यात्मिक चैनल पर धार्मिक चैनल से कम जुड़ा था और योग को केवल धार्मिक क्रिया मानता था, उन लोगों ने भी योग को अपने जीवन में अपनाया। इस इंडिया टीवी के कार्यक्रम में अलग-अलग प्रकार से प्रतिदिन चैलेंज दिए जाते थे, जिसमें लोगों ने अपने परिवार के साथ बैठकर योग के चैलेंज लेते हुए दंड लगाने थे। चैनल 108 सूर्य नमस्कार करने के अलग-अलग प्रकार के आसन करने के चैलेज वीडियो बनाएं और उनको इंडिया टीवी के ऊपर भी शेयर किया गया इस कार्यक्रम को केवल भारत में ही नहीं, बल्कि भारत के बाहर दुनिया के लगभग डेढ़ सौ से अधिक देशों में इंटरनेट के माध्यम से डिजिटल रूप से देखा गया और इसकी सराहना की गई। इस कार्यक्रम में इंडिया टीवी के स्टूडियो में बैठकर एंकर सवाल पूछता है दर्शका भी सवाल पूछते हैं।

आॅनलाइन सहयोगी योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर-

भारत से लेकर नेपाल न्ै।ए न्ज्ञ में महिला पतंजलि योग समिति, पतंजलि योग समिति व पतंजलि परिवार के सभी संगठनों द्वारा करोनाकल में जब लोगों के पास खूब समय था तो मई-जून से ही घर बैठे योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए। इनको सिस्को वेबैक्स, माइक्रोसाॅफ्ट टीम व गूगल मीट, के माध्यम से संचालित किया गया। जिसमें हजारों ऐसे लोग प्रत्येक प्रान्त में योग-शिक्षक बनकर समाज की सेवा करना चाहते थे। ऐसे लोगों को पतंजलि योगपीठ परिवार के विभिन्न संगठनों से जोड़कर ऑनलाइन योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर का आयोजित किए गए जिसमें हर प्रांत से हजारों लोगों को योग शिक्षक बनाया गया। योग शिक्षक बनकर साधकों ने स्वयं को वह अपने परिवार को भी बीमारियों से बचाया और इसके साथ-साथ समाज की सेवा के लिए आगे आकर निःशुल्क योग-कक्षा लगाकर योग-प्रशिक्षण देने का भी संकल्प लिया।

वर्तमान में आगामी सितंबर और अक्टूबर माह में परम पूज्य स्वामी जी महाराज और श्रद्धेय आचार्य जी के निर्देशानुसार प्रत्येक जिले में जिला स्तर पर असिस्टेंट योग टीचर ट्रेनिंग कैंप, आॅनलाइन आयोजित किए जाएंगे जिसमें लोगों को आॅनलाइन योग, आयुर्वेद, स्वदेशी, घरेलू-चिकित्सा, एक्यूप्रेशर, खान-पान, रहन-सहन, भारतीय परंपरा, योग दर्शन इत्यादि के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है

ट्विटर के ऊपर ट्रेंड-

इस कोरोना काल में पतंजलि योगपीठ परिवार के कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर विशेष रूप से सक्रिय हुए और सोशल मीडिया पर सक्रिय होते हुए मार्च से लेकर सितंबर तक ट्विटर के ऊपर योग-आयुर्वेद का प्रचार-प्रसार करने के लिए और लोगों के जीवन में योग को समाहित करने के लिए कम-से-कम 20 बार राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्विटर का टेªण्ड चलाया गया। जिसमें लोगों ने योग के महत्व को महसूस किया और पतंजलि योगपीठ परिवार के लाखों शिक्षकों ने 3 से 4 लाख तक ट्वीट टेªण्ड करवाकर रुयोग रुआयुर्वेद रुस्वदेशी के मुद्दे पर सम्पूर्ण देश को योग, आयुर्वेद स्वदेशी की ताकत को घर-घर तक व जन-जन तक पहुंचाया।

कोरोना काल में आत्मनिर्भर भारत व स्वदेशी सेवा-

पड़ोसी देश चाइना द्वारा जो षड्यंत्र, दुष्प्रचार भारत देश के लिए कर रहा था और जो विदेशी कंपनियों की लूट से इस देश को बचाने के लिए स्वदेशी का अभियान विशेष रूप से मीडिया इलेक्ट्राॅनिक, मीडिया इंटरनेट, सोशल मीडिया के माध्यम से पतंजलि योगपीठ परिवार ने परम श्रद्धेय स्वामी जी महाराज परम श्रद्धेय आचार्य श्री महाराज के सर्वप्रथम आह्वान व प्रेरणा से ड्रेगन चलाया गया अपने अभियान आत्मनिर्भर भारत के अभियान को और गति दी गई सोशल मीडिया पर स्वदेशी के विचारों का विशेष रूप से इस कोरोना काल में पतंजलि योगपीठ परिवार के द्वारा प्रचार-प्रसार किया गया और चीन के मुद्दे पर देश के लोगों के अंदर स्वदेशी राष्ट्र भक्ति के जागरण का कार्य किया गया।

यूएसए और यूके के साथ अन्य देशों में आॅनलाइन सोशल मीडिया से प्रचार प्रसार-

यूके यूएसए के लोगों के विशेष आग्रह पर योग के विशेष सत्र आयोजित किए गए। परम श्रद्धेय स्वामी जी महाराज परम पूज्य आचार्य जी महाराज ने पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट यूएसए यूके इत्यादि अन्य देशों के कार्यक्रमों में हजारों विदेशी लोगों को इस कोरोना महामारी में योग-प्राणायाम के विषय में प्रशिक्षण दिया।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योग का प्रचार प्रसार-

पतंजलि योगपीठ के विशेष प्रयासों से योग आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर करोड़ों लोगों जीवन बदल रहा है। करोड़ों लोग आज मान चुके हैं कि योग से हम सभी प्रकार की डायबिटीज से लेकर असाध्य बीमारियां भी केवल कंट्रोल ही नहीं बल्कि क्योर कर सकते हैं आज दुनिया के 200 देशों योग कर रहे हैं उसमें एक बड़ी भूमिका पतंजलि योगपीठ की परम श्रद्धेय स्वामी जी महाराज, परम पूज्य आचार्य श्री महाराज की है इस बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस लोकडाउन के मध्य मनाया गया तो इस लोकडाउन के समय में भी पूज्य स्वामी जी महाराज ने 19 जून को हरिद्वार की हरकी पैड़ी से योग के रिहर्सल के रूप में योग प्रोटोकाॅल-डे के रूप में सोशल मीडिया और इलेक्ट्राॅनिक मीडिया के माध्यम से सभी न्यूज चैनल के माध्यम से देश और दुनिया के करोड़ों लोगों को योग सिखाया। 21 जून को करोड़ों लोगों ने एक साथ व्दसपदम परम श्रद्धेय स्वामी जी महाराज, परम पूज्य आचार्य श्री महाराज के पावन सान्निध्य में योग किया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस आॅनलाइन बहुत धूमधाम से मनाया गया हमारे देश के 35 से अधिक राज्यों में 600 से अधिक जिलों में और 5000 से अधिक तहसीलों में लाखों परिवारों ने आॅनलाइन टीवी के सामने फेसबुक के सामने सपरिवार बैठकर परम पूज्य स्वामी जी महाराज के पावन सान्निध्य में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योगाभ्यास किया व उसकी फोटो सोशल मीडिया में शेयर की, जिससे नए लोगों को भी योग करने की प्रेरणा मिली।

कोरोना काल में प्रवासी कामगारों की सेवा-

सोशल मीडिया के ट्विटर और फेसबुक जैसे प्रवासी कामगार जब लोकडाउन में अपने घर में जा रहे थे, इसके साथ-साथ लोकडाउन के समय जो लोग अलग-अलग स्थानों पर हरिद्वार, नोएडा से लेकर मुंबई तक फंसे हुए थे। उनके बारे में जैसे ही ट्विटर फेसबुक के ऊपर अपील आती थी कि हम इतने लोग इतने परिवार यहां पर फंसे हुए हैं। उनके पास खाने-पीने की व्यवस्था नहीं है तो ऐसे परिवारों की ट्विटर के ऊपर ही अपील पर उनकी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए देश के 600 से अधिक जिलों में फैले हुए और 5000 से अधिक तहसीलों में फैले हुए विशाल पतंजलि योगपीठ परिवार द्वारा ऐसे हजारों परिवारों के घर जाकर उनको राशन इत्यादि से सहयोग किया गया, इस सेवा कार्य में लोगों के घरों में जाकर आटा, दाल, चावल, चीनी, तेल, साबुन, मसाले, मास्क, सैनिटाइजर इत्यादि की व्यवस्था की गई।

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