ज्ञानार्जन को प्रबल इच्छा जरूरी: पूज्य आचार्य श्री

ज्ञानार्जन को प्रबल इच्छा जरूरी: पूज्य आचार्य श्री

हरिद्वार (उत्तराखण्ड)। देवप्रयाग में 10वीं में टाॅप करने वाले विद्यार्थियों का एक दल विधायक श्री विनोद कंडारी के नेतृत्व में पतंजलि योगपीठ पहुंचा। उन्होंने पतंजलि योगपीठ के महामंत्री पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी महाराज से आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर पूज्य आचार्य श्री ने कहा कि ज्ञान प्राप्ति की इच्छा और पुरुषार्थ ही एकमात्र कंुजी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में पतंजलि अग्रणी प्रयास कर रहा है। पतंजलि ने मैकाले की शिक्षा प्रणाली को समाप्त कर भारतीय वैदिक शिक्षा के विस्तार के लिए अग्रणी कार्य किया है। जहां एक…

हरिद्वार (उत्तराखण्ड)। देवप्रयाग में 10वीं में टाॅप करने वाले विद्यार्थियों का एक दल विधायक श्री विनोद कंडारी के नेतृत्व में पतंजलि योगपीठ पहुंचा। उन्होंने पतंजलि योगपीठ के महामंत्री पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी महाराज से आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर पूज्य आचार्य श्री ने कहा कि ज्ञान प्राप्ति की इच्छा और पुरुषार्थ ही एकमात्र कंुजी है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में पतंजलि अग्रणी प्रयास कर रहा है। पतंजलि ने मैकाले की शिक्षा प्रणाली को समाप्त कर भारतीय वैदिक शिक्षा के विस्तार के लिए अग्रणी कार्य किया है। जहां एक ओर शिक्षा को व्यापार बनाकर देश की जनता को लूटा जा रहा है वहीं पतंजलि ने आधुनिक उच्च शिक्षा के साथ-साथ भारतीय वैदिक परम्परा व ऋषियों के ज्ञान को भी सुलभ कराया है। इस अवसर पर देवप्रयाग के विधायक श्री विनोद कंडारी जी ने कहा कि पतंजलि की सेवापरक गतिविधियों का लाभ आज देश ही नहीं पूरा विश्व ले रहा है। उन्होंने कहा कि देवप्रयाग के मूल्यागांव में पतंजलि की ओर से स्थापित पतंजलि सेवाश्रम का लाभ केदारनाथ आपदा पीड़ित सैकड़ों अनाथ बच्चों को मिल रहा है। पतंजलि सेवाश्रम ने आपदा पीड़ित बच्चों को गोद लेकर उनके जीवन को बर्बाद होने से बचाया है। -साभार: अमर उजाला’

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