राष्ट्रीय संगोष्ठी :  गुरुकुल स्वामी श्रद्धानन्द के तप-त्याग से सिंचित: पूज्य आचार्य जी महाराज

राष्ट्रीय संगोष्ठी :  गुरुकुल स्वामी श्रद्धानन्द के तप-त्याग से सिंचित: पूज्य आचार्य जी महाराज

   हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी विवि के योग विज्ञान विभाग द्वारा दो दिवसीय स्वतंत्रता आंदोलन में योगियों का योगदान विषय पर हुई राष्ट्रीय संगोष्ठी में पतंजलि विवि के कुलपति परम पूज्य आचार्य बालकृष्ण जी महाराज ने कहा कि गुरुकुल कांगड़ी विवि स्वामी श्रद्धानन्द महाराज के तप त्याग से सिंचित है।
     स्वामी दयानन्द ने स्वतंत्र राष्ट्र की कल्पना को साकार रूप देने के लिए गुरुकुल कांगड़ी की स्थापना की। कहा, स्वतंत्रता आंदोलन में गुरुकुल कांगड़ी के योगियों और छात्रों का योगदान अभूतपूर्ण है। प्रतिभागी सौभाग्शाली हैं कि उन्हें देश के महान स्वतंत्रता सेनानी स्वामी श्रद्धानन्द द्वारा स्थापित पुण्य भूमि में आने का अवसर मिला है। कहा, हमारे देश के कई संतों और ऋषियों ने प्राचीन भारतीय वैदिक संस्कृति, शिक्षा की रक्षा के लिए और देश की स्वतंत्रता के लिए बहुमूल्य योगदान दिया है। विवि के कुलपति प्रो. सोमदेव शतांशु ने कहा, देश की आजादी में भारत के हर वर्ग, समुदाय ने अपनी-अपनी भूमिका निभाई है। समग्र प्रयासों का ही परिणाम है कि हमारी मातृभूमि को स्वतंत्रता मिली। इस आजादी के महासंग्राम में योगियों ने योगदान दिया है। स्वामी दयानन्द सरस्वती ने कई समस्याओं से मुक्ति दिलाने के लिए आर्य समाज की स्थापना की। श्रीश्री यूनिवर्सिटी कटक उड़ीसा के कुलपति प्रो.बी.आर. शर्मा ने कहा, संतों व ऋषियों ने समय-समय पर राष्ट्र निर्माण व जाग्रति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
                उन्होंने कहा कि देश के भाग्य और भविष्य की पटकथा कोई योगी ही लिख सकता है। योग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.सुरेन्द्र कुमार ने प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। संचालन डाॅ. ऊधमसिंह द्वारा किया गया, इस मौके पर प्रो. ईश्वर भारद्वाज, डाॅ. ईश्वर बी. वासवरेड्डी, प्रो.गणेश शंकर गिरी कार्यक्रम में गणमान्य प्रोफेसर, अध्यापक एवं विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।

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